बॉलीवुड में बहुत कुछ ऐसा है जो परदे के पीछे हो जाता है और उसका असर कई लोगों की ज़िंदगी पर पड़ता है। लेकिन हमारे लिए स्टार्स हमेशा स्टार्स ही रहते हैं। अब अक्षय कुमार की डेब्यू फिल्म सौगंध की एक्ट्रेस शांतिप्रिया ने बताया कि कैसे अक्षय के एक मज़ाक के कारण वो डिप्रेशन में चली गई थीं।

शांतिप्रिया ने बताया कि मैं अपनी स्किन के कलर से मैच करते हुए स्टॉकिंग्स पहनती थी और अक्षय पूरी यूनिट के सामने मेरे सांवले रंग का मज़ाक उड़ाते थे।
शांतिप्रिया ने बताया कि मैं घर जाकर बहुत रोई। अपनी मां से लिपटकर रोती रहती थी। धीरे धीरे मेरा कॉन्फिडेंस टूट गया था और मैं डिप्रेशन में चली गई थी। उन्होंने कहा कि हम लोग मज़ाक करते समय ये कभी नहीं सोचते कि उसका सामने वाले पर क्या असर पड़ सकता है।

साथ ही शांतिप्रिया ने बताया कि अजय देवगन की एक फिल्म से उन्हें निकाल दिया गया था क्योंकि किसी को अजय देवगन के साथ काले रंग की हीरोइन नहीं चाहिए थी। नवभारत टाइम्स को दिए इंटरव्यू में शांतिप्रिया ने अक्षय के इस भद्दे मज़ाक के बारे में खुलकर बात की -
कैरेक्टर था मॉडर्न
सौगंध में डेब्यू करने के बाद अक्षय कुमार स्टार थे। वो शांतिप्रिया के साथ इक्के पे इक्का नाम की फिल्म कर रहे थे। फिल्म में शांतिप्रिया का कैरेक्टर मॉडर्न था इसलिए उन्हें शॉर्ट ड्रेस पहननी थी। उन्होंने अपने रंग के मैचिंग स्टॉकिंग्स पहने जिससे उनके घुटने कुछ ज़्यादा ही काले दिखाई दे रहे थे।

अक्षय ने उड़ाया मज़ाक
शांतिप्रिया याद करते हुए बताती है कि अक्षय शूटिंग के दौरान ही चिल्लाने लगे कि शांतिप्रिया के पैरों पर बड़े बड़े क्लॉट्स हैं। साथ ही उन्होंने सबको शांतिप्रिया के पैर दिखाई और बार बार ये बात मज़ाक में करते रहे।

सेट पर मौजूद थे सितारे
शांतिप्रिया ने बताया कि सेट पर पंकज धीर, चांदनी, पृथ्वी, राज सिप्पी, स्पॉट दादा, मेकअप मैन और कई सारे लोग थे। लेकिन अक्षय ने किसी का लिहाज़ नहीं किया और उनका ये मज़ाक काफी समय तक चलता रहा।
हो गई थीं अहसज
शांतिप्रिया ने बताया कि अक्षय के इस मज़ाक से वो बहुत ही ज़्यादा असहज हो गई थीं। इस घटना के बाद शांतिप्रिया अपनी मां के पास बैठकर खूब रोईं। वो डिप्रेशन में चली गई थीं और उनका कॉन्फिडेंस टूट गया था। लेकिन उन्होंने गोरे होने की क्रीम कभी नहीं लगाई।

शिकायत नहीं लेकिन दिक्कत
शांतिप्रिया का कहना है कि इन सब बातों को बताकर वो अक्षय कुमार की शिकायत नहीं कर रही हैं। लेकिन हां ये बताना चाह रही हैं कि इस तरह की सोच और इस तरह का मज़ाक कितनी दिक्कत भरी बात है और ये किसी के मन - मस्तिष्क पर कितना गहरा असर छोड़ सकता है।

तब छोटे थे अक्षय
शांतिप्रिया का कहना है कि उस समय इन सब बारे में बहुत कम बातें होती थीं शायद इसलिए लोगों को ये चीज़ें नॉर्मल लगती थीं। अक्षय भी उस समय काफी यंग थे और उनमें लड़कपन था। इसलिए वो ऐसी बातें कह गए जो शायद उन्हें नहीं कहनी चाहिए थी।

बदल चुके हैं अक्षय
शांतिप्रिया का कहना है कि अब अक्षय काफी ज़्यादा बदल चुके हैं। अब वो एक ज़िम्मेदार नागरिक हैं। अच्छे पति हैं, पिता हैं, देश के लिए कितना कुछ करते हैं, जवानों के लिए कितना कुछ करते हैं। तब दिन ही ऐसे थे कि हम दोनों ही ज़्यादा समझदार नहीं थे।

अक्षय ने की मदद
शांतिप्रिया ने बताया कि कुछ सालों पहले उन्होंने जब अक्षय को बताया कि वो कमबैक करना चाहती हैं, अक्षय ने उनका पूरा साथ दिया। अक्षय ने उन्हें कहा कि वो हमेशा उनकी मदद करेंगे। अक्षय ने महबूब स्टूडियो बुलाकर शांतिप्रिया से मुलाकात भी की थी।

बेटा भी शिकार
शांतिप्रिया बताती हैं कि उनका बेटा मॉडल है और उसे भी रंगभेद से गुज़रना पड़ता है। शायद अब वो सीनियर हो चुकी हैं इसलिए लोग अब उनके रंग को लेकर भेदभाव नहीं करते हैं। लेकिन अभी भी उन्हें भाषा की वजह से काम मिलने में मुश्किल होती है।

रंग से मैचिंग हीरोइन
शांतिप्रिया बताती हैं कि वो दौर ऐसा था जब हीरो के रंग से मैच करके हीरोइन का मेकअप किया जाता था और अगर रंग मैच ना हो तो शूटिंग रोक कर सबके सामने हीरोइन को गोरा किया जाता था।
